तिब्बत के ऐतिहासिक पवित्र स्थल और आधुनिक मंदिर।
हिंदुओं, बौद्धों, जैनियों और बोनपोस द्वारा दुनिया के केंद्र के रूप में पूजनीय एक पवित्र पर्वत।